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प्रेरक प्रसंग #1: क्यों माता शक्ति (माँ भगवती) का नाम दुर्गा पड़ा? पुरातन काल में दुर्गम नाम का एक अत्यंत बलशाली दैत्य हुआ करता था। उसने ब्राहमाजी को प्रसन्न कर के समस्त वेदों को अपनें आधीन कर लिया, जिस कारण सारे देव गण का बल क्षीण हो गया। इस घटना के उपरांत दुर्गम नें स्वर्ग पर आक्रमण कर के उसे जीत लिया।और तब समस्त देव गण एकत्रित हुए और उन्होने देवी माँ भगवती का आह्वान किया और फिर देव गण नें उन्हे अपनी व्यथा सुनाई। तब माँ भगवती नें समस्त देव गण को दैत्य दुर्गम के प्रकोप से मुक्ति दिलाने का आश्वासन दिया। माँ भगवती नें दुर्गम का अंत करने का प्रण लिया है, यह बात जब दुर्गम को पता चली तब उसने सवर्ग लोग पर पुनः आक्रमण कर दिया। और तब माँ भगवती नें दैत्य दुर्गम की सेना का संहार किया और अंत में दुर्गम को भी मृत्यु लोक पहुंचा दिया। माँ भगवती नें दुर्गम के साथ जब अंतिम युद्ध किया तब उन्होने भुवनेश्वरी, काली, तारा, छीन्नमस्ता, भैरवी, बगला तथा दूसरी अन्य महा शक्तियों का आह्वान कर के उनकी सहायता से दुर्गम को पराजित किया था। इस भीषण युद्ध में विकट दैत्य दुर्गम को पराजित करके उसका व...

by vineet

vineet mishra- चन्द्र माह के नाम 01. चैत्र 02. वैशाख 03. ज्येष्ठ 04. आषाढ़ 05. श्रावण 06. भाद्रपद 07. आश्विन 08. कार्तिक 09. मार्गशीर्ष 10. पौष 11. माघ 12. फाल्गुन नक्षत्र के नाम 01. अश्विनी 02. भरणी 03. कृत्तिका 04. रोहिणी 05. मॄगशिरा 06. आर्द्रा 07. पुनर्वसु 08. पुष्य 09. अश्लेशा 10. मघा 11. पूर्वाफाल्गुनी 12. उत्तराफाल्गुनी 13. हस्त 14. चित्रा 15. स्वाती 16. विशाखा 17. अनुराधा 18. ज्येष्ठा 19. मूल 20. पूर्वाषाढा 21. उत्तराषाढा 22. श्रवण 23. धनिष्ठा 24. शतभिषा 25. पूर्व भाद्रपद 26. उत्तर भाद्रपद 27. रेवती 28. योग के नाम 01. विष्कम्भ 02. प्रीति 03. आयुष्मान् 04. सौभाग्य 05. शोभन 06. अतिगण्ड 07. सुकर्मा 08. धृति 09. शूल 10. गण्ड 11. वृद्धि 12. ध्रुव 13. व्याघात 14. हर्षण 15. वज्र 16. सिद्धि 17. व्यतीपात 18. वरीयान् 19. परिघ 20. शिव 21. सिद्ध 22. साध्य 23. शुभ 24. शुक्ल ...
उम्र गुजर रही है उम्र गुजर रही है, तराजू के पलड़ों में........। कभी रिश्ते भारी हो रहे है, तो कभी अरमान